आपका अकाउंट आपके ही नाम पर बनता है — मालिक आप हैं, मैसेज का पैसा आप सीधे Meta को देते हैं, और जब चाहें छोड़ सकते हैं। ये 7 चीज़ें तैयार रखिए, सेटअप में लगभग 30 मिनट लगते हैं।
MessageBhejo, WhatsApp Business Platform के लिए Meta से अप्रूव्ड Tech Provider है।
आपका WhatsApp Business अकाउंट आपके ही नाम पर बनेगा, हमारे नाम पर नहीं। मालिकाना हक आपका है। मैसेज का पैसा आप सीधे Meta को देंगे। आप जब चाहें हमें छोड़कर जा सकते हैं और अपना नंबर साथ ले जा सकते हैं।
हमें आपसे बस कुछ चीज़ें चाहिए। सब तैयार रखें तो सेटअप लगभग 30 मिनट में हो जाता है।
मालिक का अकाउंट होना चाहिए — किसी स्टाफ का नहीं। उस पर टू-स्टेप लॉगिन (2FA) चालू कर लें।
क्यों: यही अकाउंट आपके WhatsApp Business की चाबी है। स्टाफ का अकाउंट होगा और वो नौकरी छोड़ देगा, तो दिक्कत होगी।
आपके पास दो विकल्प हैं। जो आपके लिए सही हो, वो चुनें।
ऐसा नया नंबर लें जिस पर कोई WhatsApp न हो।
ये तब चुनें: जब आप अलग बिज़नेस नंबर चाहते हों, या ग्राहकों को नया नंबर बताने में दिक्कत न हो।
आप अपने फ़ोन पर WhatsApp Business चलाते रहें और साथ ही हमारे प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल करें — एक ही नंबर पर। कुछ बदलेगा नहीं, कुछ खोएगा नहीं।
जो आपका रहेगा:
ध्यान दें: आपकी पुरानी चैट सिर्फ़ फ़ोन में ही रहेंगी — वो हमारे डैशबोर्ड में नहीं दिखेंगी। डैशबोर्ड में जुड़ने के दिन से आगे की बातचीत दिखेगी। कुछ खोएगा नहीं, बस जहाँ है वहीं रहेगा।
शुरू करने से पहले क्या चाहिए:
बहुत ज़रूरी — ये बिल्कुल न करें:
जोड़ने के बाद क्या बदलेगा — ज़रूर पढ़ें:
जुड़ने के बाद — एक छोटी सी आदत: उस फ़ोन में WhatsApp Business ऐप कम से कम हर दो हफ़्ते में एक बार ज़रूर खोलें। अगर फ़ोन बंद पड़ा रहा या ऐप बहुत दिनों तक नहीं खुला, तो कनेक्शन टूट सकता है और दोबारा सेटअप करना पड़ेगा।
ये तब चुनें: जब आप पहले से WhatsApp Business पर काम कर रहे हैं और अपनी चैट या नंबर नहीं बदलना चाहते।
समझ न आए कि क्या चुनें? हमें बताएँ कि आप आज WhatsApp कैसे इस्तेमाल करते हैं — हम सही विकल्प बता देंगे।
अगर वेबसाइट नहीं है: हमें बताएं। हम मदद करेंगे — Meta वेबसाइट माँगता है, और खाली या बंद लिंक से अकाउंट रिजेक्ट हो जाता है।
भारतीय बिज़नेस के लिए Meta इनमें से कोई एक स्वीकार करता है:
| दस्तावेज़ | किसके लिए सही |
|---|---|
| GST रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट | कोई भी रजिस्टर्ड बिज़नेस — आमतौर पर सबसे तेज़ |
| सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉर्पोरेशन | Pvt Ltd, LLP, रजिस्टर्ड कंपनियाँ |
| दुकान स्थापना (Shop Establishment) सर्टिफिकेट | दुकानें, छोटे स्थानीय बिज़नेस |
| उद्यम (Udyam) रजिस्ट्रेशन — MSME | छोटे और मध्यम बिज़नेस |
| बिज़नेस लाइसेंस | नगर निगम से मिला ट्रेड लाइसेंस |
| PAN कार्ड (बिज़नेस PAN) | प्रोप्राइटरशिप और कंपनी PAN |
| बिज़नेस बैंक स्टेटमेंट | अगर कोई रजिस्ट्रेशन पेपर न हो |
| बिजली/पानी का बिल | बिज़नेस के नाम पर होना चाहिए |
ध्यान दें: Meta की सूची में अभी भी पुराना नाम "Udyog Aadhar" लिखा है। आपका उद्यम (Udyam) रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट वही है और स्वीकार किया जाता है।
Meta आपसे बिज़नेस का प्रकार पूछेगा। वही चुनें जो आपके कागज़ों से मेल खाता हो — वो नहीं जो सुनने में बड़ा लगता है।
| अगर आप हैं | चुनें | अपलोड करें |
|---|---|---|
| अकेले मालिक — दुकान, डेयरी, पानी की एजेंसी, सैलून, क्लिनिक | Sole Proprietorship | GST सर्टिफिकेट, उद्यम (MSME), या दुकान स्थापना सर्टिफिकेट |
| पार्टनरशिप फर्म या LLP | Partnership | फर्म के नाम पर GST सर्टिफिकेट। LLP के लिए सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉर्पोरेशन |
| Pvt Ltd या OPC कंपनी | Private Company | सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉर्पोरेशन |
| शेयर बाज़ार में लिस्टेड कंपनी | Corporation | सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉर्पोरेशन |
| स्कूल, अस्पताल, ट्रस्ट, NGO, सरकारी संस्था | Institution | ट्रस्ट या सोसाइटी रजिस्ट्रेशन, या संस्था के नाम पर GST सर्टिफिकेट |
भारत में ज़्यादातर छोटे बिज़नेस Sole Proprietorship होते हैं। "Private Company" या "Corporation" सिर्फ़ इसलिए न चुनें कि सुनने में अच्छा लगता है — वही चुनें जब आपके पास सचमुच कंपनी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट हो। गलत बिज़नेस टाइप चुनना रिजेक्शन का सबसे आम कारण है।
सबसे ज़रूरी: दस्तावेज़ पर लिखा बिज़नेस नाम और Meta में डाला गया नाम बिल्कुल एक जैसा होना चाहिए। थोड़ा सा भी फ़र्क — जैसे "Sharma Traders" और "Sharma Traders Pvt Ltd" — तो रिजेक्ट हो जाएगा।
अगर कागज़ पर मालिक का नाम है पर आप किसी ब्रांड नाम से काम करते हैं — जैसे GST में "Ramesh Kumar" और दुकान का नाम "Krishna Water Supply" — तो मुख्य खाने में कागज़ वाला नाम डालें, और ब्रांड नाम को "alternative business name" वाले वैकल्पिक खाने में डालें।
यही नाम आपके ग्राहक के WhatsApp में दिखाई देगा।
सही नाम
जो नाम रिजेक्ट हो जाते हैं
सबसे आसान नियम: अपना रजिस्टर्ड बिज़नेस नाम, सामान्य तरीके से लिखा हुआ।
मैसेज का चार्ज Meta सीधे आपसे लेता है। कार्ड Meta को जाता है, हमें कभी नहीं।
कार्ड नहीं लगाया तो आपके मैसेज डिलीवर नहीं होंगे।
अगर कोई माँगे तो सावधान हो जाइए। हमें कभी ज़रूरत नहीं पड़ेगी:
ये सब आप खुद, सीधे Meta की स्क्रीन पर डालते हैं। हमें कभी दिखता नहीं।
| कदम | कौन करेगा | समय |
|---|---|---|
| हम आपकी जानकारी जाँचेंगे | हम | उसी दिन |
| हमारी वेबसाइट पर WhatsApp जोड़ना | आप | 10 मिनट |
| Meta पर बिज़नेस वेरिफिकेशन | आप (हम मदद करेंगे) | 1–3 कामकाजी दिन, ज़्यादा से ज़्यादा 14 |
| कार्ड जोड़ना | आप | 5 मिनट |
| पहला मैसेज भेजना | आप | 5 मिनट |
वास्तविक कुल समय: 1 से 3 दिन।
अधूरी बिज़नेस जानकारी। सेटअप के बाद अकाउंट ब्लॉक होने का सबसे बड़ा कारण यही है। हर एक खाना भरें।
ऐसा नंबर जिस पर पहले से साधारण WhatsApp है। पहले उस WhatsApp अकाउंट को डिलीट करें और 10 मिनट रुकें, या नया नंबर लें। (अगर वो WhatsApp Business ऐप पर है, तो कुछ भी डिलीट न करें — हमें बताएँ, हम coexistence विकल्प से जोड़ देंगे।)
अलग-अलग कागज़ों पर अलग नाम। GST में कुछ और, बैंक स्टेटमेंट में कुछ और — रिजेक्ट।
स्टाफ का फेसबुक अकाउंट। मालिकाना हक के बिना Meta मना कर देता है।
पॉपअप विंडो जल्दी बंद कर देना। उसे अपने आप बंद होने दें।
ग्राहक आपको मैसेज करे तो आप 24 घंटे तक बिना टेम्पलेट जवाब दे सकते हैं। हर नंबर पर महीने के 1,000 जवाब फ्री हैं, उसके बाद Meta हर जवाब का ₹0.115 + GST लेता है।
पहले आप मैसेज भेजना चाहें तो अप्रूव्ड टेम्पलेट चाहिए। हम बनाने में मदद करेंगे।
डैशबोर्ड में क्वालिटी रेटिंग देखते रहें। हरा अच्छा है। पीला या लाल हो जाए तो एक-दो दिन मार्केटिंग मैसेज कम कर दें।
जिन लोगों ने मैसेज पाने की सहमति नहीं दी, उन्हें कभी मैसेज न भेजें। नंबर ब्लॉक होने का यही सबसे बड़ा कारण है।
फ्री में साइन अप करें और स्टेप-बाय-स्टेप सेटअप गाइड फॉलो करें। कोई सवाल हो तो हमसे पूछिए।